चुनावी प्रक्रिया: पांच साल में सुधीर मुनगंटीवार की 12 गुना व प्रतिभा धानोरकर की 40 गुना बढ़ी संपत्ति

  • मुनगंटीवार के पास हैं 94 लाख 68 हजार रुपए की संपत्ति
  • 40 करोड़ की मालकिन है प्रतिभा धानोरकर
  • दोनों ने प्रस्तुत किया अपनी-अपनी संपत्ति का ब्यौरा

योगेश चिंधालोरे , चंद्रपुर। चंद्रपुर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवार विधायक सुधीर मुनगंटीवार की पिछले 5 वर्ष में कई गुना संपत्ति बढ़ी है। वर्ष 2019 के चुनावी शपथपत्र के अनुसार उनकी चल संपत्ति 7 लाख 60 हजार रुपए थी। जबकि 2024 के चुनावी शपथपत्र में 94 लाख 68 हजार 229 रुपए बताई है। उन पर दो फौजदारी मामले लंबित हैं। वर्ष 2022-23 में उन्होंने वार्षिक आय 51 लाख 82 हजार 151 रुपए बताई है। अचल संपत्ति 5 करोड़ 60 लाख 22 हजार 323 रुपए है। जबकि विरासत में मिली संपत्ति की कीमत 2 करोड़ 89 लाख 74 हजार 528 रुपए है। उन पर विविध बैंक, वित्तीय संस्था आदि द्वारा 4 करोड़ 51 लाख 37 हजार 632 रुपए का कर्ज है। विस का मानधन ही अपना आय का सोर्स बताने वाले मुनगंटीवार ने कैश 90 हजार रुपए बताया है। बता दंे कि, उच्च शिक्षित मुनगंटीवार ने बीकॉम, एम.कॉम, डीबीएम, बी.जे., एम.फिल जैसे डिग्रियां हासिल की है।

40 करोड़ की मालकिन हैं धानोरकर : कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा धानोरकर की 5 वर्ष में चालीस गुना चल संपत्ति में बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2019 में हलफनामे के अनुसार 1 करोड़ 2 लाख 51 हजार 920 रुपए चल संपत्ति थी। जबकि 2024 के हलफनामे में 40 करोड़ 32 लाख 4 हजार 497 रुपए बताई गई है। वर्ष 2022-23 में उनकी वार्षिक आय 49 लाख 85 हजार 511 रुपए बताई है। उन्होंेने खरीदी की हुई अचल संपत्ति की कीमत 3 करोड़ 7 लाख 98 हजार 180 रुपए है। वही विरासत में मिली संपत्ति की कीमत 34 करोड़ 85 लाख 66 हजार 9 रुपए है। आय का सोर्स खेती व व्यवसाय बतानेवाली प्रतिभा धानोरकर ने कैश 25 लाख 15 हजार 500 रुपए बताया है। उन पर बैंक, वित्तीय संस्था व अन्य द्वारा कुल कर्ज 55 करोड़ 23 लाख 86 हजार 611 रुए है।

पूर्व विधायक डा. उसेंडी ने दोपहर कांग्रेस से दिया इस्तीफा, शाम को भाजपा में प्रवेश : टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस पार्टी में अंतर्गत कलह अब खुले रूप से दिखायी देने लगा है। मंगलवार की दोपहर कांग्रेस के पूर्व विधायक और आदिवासी सेल के प्रदेश अध्यक्ष डा. नामदेव उसेंडी ने गड़चिरोली स्थित अपने निवासस्थान में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर पहले अपने प्रदेश अध्यक्ष पद के इस्तीफे की घोषणा की। जिसके बाद सीधे नागपुर पहुंचकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले की उपस्थिति में भाजपा में प्रवेश किया। डा. उसेंडी ने अपने सैकड़ों समर्थक कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा का दामन थामने के कारण गड़चिरोली कांग्रेस के पदाधिकारियों में अब आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।

बता दें कि, डा. नामदेव उसेंडी वर्ष 2009 में कांग्रेस पार्टी की ओर से गड़चिरोली विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे जिसके बाद उन्होंने वर्ष 2014 और 2019 में लगातार दो बार लोकसभा चुनाव के लिए अपना नसीब आजमाया, लेकिन उन्हें दोनों चुनावों में सफलता नहीं मिली। इस बीच तीसरी बार भी वे लोकसभा चुनाव के लिए इच्छुक थे। इस बार के लोकसभा चुनाव के लिए उन्होंने अपना जनसंपर्क भी बढ़ा दिया था। मात्र ऐन समय पर कांग्रेस पार्टी के हाइकमान ने उन्हें टिकट न देते हुए प्रदेश महासचिव डा. नामदेव किरसान को टिकट दी। इसी कारण वे नाराज थे। इसी नाराजी को व्यक्त करते हुए उन्होंने मंगलवार को अपने निवासस्थान में एक पत्र परिषद का आयोजन किया और टिकट बटवारे को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर वित्तीय लेनदेन का आरोप भी लगाया। पत्र परिषद समाप्त होते ही भाजपा के चिमूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बंटी भांगडिया तत्काल डा. उसेंडी के निवासस्थान पहुंचे और दोनों के बीच लंबी चर्चा हुई।

Created On :   27 March 2024 10:55 AM GMT

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