राष्ट्रीय युवा महोत्सव: महाराष्ट्र की वीरभूमि से 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान, मोदी ने युवाओँ को दिलाया यह संकल्प

महाराष्ट्र की वीरभूमि से 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान, मोदी ने युवाओँ को दिलाया यह संकल्प
  • मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणनवीस और अजीत पवार मौजूद
  • 27वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन
  • युवाओं के परिश्रम, सामर्थ्य के कारण देश की अर्थव्यवस्था विश्व में पाचवें स्थान पर पहुंची

डिजिटल डेस्क, नाशिक। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन किया। मोदी ने रोड शो किया। इस रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणनवीस और अजीत पवार मौजूद रहे। पीएम मोदी ने गोदावरी नदी किनारे रामकुंड में पूजन किया। वे 30,500 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत कर रहे हैं। अपने भाषण में मोदी ने कहा कि देश युवाओं के दम पर आर्थिक महासत्ता की ओर बढ़ रहा है। भारतीय स्वतंत्रता के अमृत काल में आज की युवा पीढ़ी अधिक सौभाग्यशाली है, जिसे अलग-अलग अवसर उपलब्ध हैं। इस पीढ़ी को सामर्थ्यवान और कौशल्याधारित करने के लिए सरकार के माध्यम से कई उपक्रमों पर अमल किया जा रहा है। देश युवाओं के दम पर विश्व में आर्थिक महासत्ता की ओर आगे बढ़ रहा है। मोदी ने अगले 25 वर्ष के कठोर परिश्रम के जरिए 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान किया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

केंद्रीय युवा कल्याण क्रीड़ा विभाग व राज्य सरकार की ओर से तपोवन मैदान में शुक्रवार को राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामी विवेकानंद और राजमाता जिजाऊ की प्रतिमा का पूजन किया। युवाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

इतिहास रचने का अवसर

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद, योगी अरविंदो युवाओं की शक्ति से परिचित थे। वह युवाओं के प्रेरणास्त्रोत हैं। भारतीय युवाओं के परिश्रम, सामर्थ्य के कारण देश की अर्थव्यवस्था विश्व में पाचवें स्थान पर पहुंची है। इस शक्ति के सामर्थ्य पर भारत आर्थिक महासत्ता की ओर आगे बढ़ रहा है। युवाओं के दम पर भारत मैन्युफैक्चरिंग का हब बन रहा है। इससे युवाओं को इतिहास रचने का अवसर उपलब्ध होगा।

संकल्प से सिद्धि

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता पूर्व की पीढ़ी ने देश के लिए अपना जीवन अर्पण किया। अब, इस पीढ़ी को अगले 25 वर्ष अपना कर्तव्य मानकर विकसित भारत बनाने के लिए देने चाहिए। इसके लिए युवा संकल्प संकल्प करें। इससे हमारा देश नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। मेरा भारत-युवा भारत अभियान शुरू किया गया है, जिसमें अबतक एक करोड़ से अधिक युवक- युवतियां शामिल हुए हैं।

पश्चिमी देश से समझौता

मोदी ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण के लिए युवाओं के मार्ग में आनने वाली बाधाएं दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। कौशल्य विकास पर आधारित राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अमल किया जा रहा है। इससे रोजगार तैयार करने को गति मिलेगी। आईआईटी, एनआईटी महाविद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। युवाओं के कौशल्य विकास के लिए पश्चिमी देशाें के साथ समझौता करार किया गया है, जिसका फायदा हो रहा है।

लोकतंत्र को मजबूत करें

महामार्ग, वंदे भारत रेलवे, हवाई अड्डों का विकास किया जा रहा है। चंद्रयान, आदित्य एल-1 की सफलता से विश्व अचंभित हो गया है। दस वर्षों में केंद्र सरकार ने युवाओं को नए अवसर उपलब्ध किए हैं। भारत लाेकतंत्र की जननी है। इसीलिए लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज करने और मताधिकार का उपयोग करने का आह्वान किया।

महाराष्ट्र वीरों की भूमि

राजमाता जिजाऊ की जयंती है। अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मराठी में संवाद करते हुए अभिवादन किया, कहा कि भारतीय नारी शक्ति के प्रतीक राजमाता जिजाऊ की जयंती पर उन्हें वंदन करने के लिए महाराष्ट्र की इस वीरभूमि आने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र की भूमि को पुण्य, वीर तपोभूमि बताया। छत्रपति शिवाजी महाराज को महानायक बताया। इसके अलावा इस भूमि को अहिल्याबाई होलकर, लोकमान्य तिलक, स्वातंत्र्यवीर सावरकर, अनंत कान्हेरे, रमाबाई आंबेडकर, चाफेकर बंधु जैसी विभूतियों से जुड़े होने की बात कही।

तीर्थक्षेत्राें पर स्वच्छता बनाएं

अयोध्या में 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर का प्राणप्रतिष्ठा समारोह होगा। इस मौके पर मंदिराें सहित तीर्थक्षेत्राें में स्वच्छता अभियान चलाने की अपील की। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत का निर्माण हो रहा है। जिसके लिए राष्ट्रीय युवा महोत्सव युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत साबित होगा। शिंदे ने महोत्सव के लिए पहुंचे युवाओं को शुभकामनाएं दी। आपको बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक (एमटीएचएल) का उद्घाटन करने जा रहे हैं, जिसे अब ‘अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु’ का नाम दिया गया है। 17,840 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से इसका निर्माण किया गया है।





Created On :   12 Jan 2024 3:00 PM GMT

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