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नागपुर में कदम रखते ही उल्टे पैर नाशिक लौटा कुख्यात राजू भद्रे

डिजिटल डेस्क, नागपुर। चर्चित पिंटू शिर्के हत्याकांत में लिप्त कुख्यात राजू भद्रे पुलिस के ड़र से नागपुर में कदम रखते ही उल्टे पैर नाशिक भाग गया है। वह नाशिक के जेल में बंद है और चार दिन केपर छुटा था,मगर उसे नाशिक छोड़कर जाने की अनुमती नही थी

अपराधिक गिरोह का मुखिया कुख्यात राजू भद्रे नाशिक जेल में बंद है। चर्चित पिंटू शिर्के हत्याकांड़ में उसे उम्रकैद की सजा हुई है। गिरोह मुखिया तथा स्थानीय होने से सुरक्षा के लिहाज उसे नागपुर के बजाय नाशिक के जेल में रखा गया था। इस बीच किसी कारण के चलते राजू ने नाशिक जेल प्रशासन को चार दिन के पैरोल पर छोड़ देने की मांग की थी। पैरोल किस कारण मांगा गया था। इसका खुलासा नही हो पाया गया,मगर गुरुवार को ही वह पैरोल पर छुटा है। जेल से छूटते ही वह सिधे नागपुर आ गया,जबकी पैरोल उसे इसी शर्त पर दिया गया था कि,पैरोल की अवधी के दौरान वह नाशिक छोड़कर किसी अन्य शहर में नही जायेंगा।

इसके बावजुद वह नागपुर आ गया। इसकी भनक लगते ही स्थानीय अपराध शाखा का दस्ता सक्रिय हो गया। गुरुवार और शुक्रवार को उसके भांडे़प्लाट स्थित निवासस्थान और बेसा के फार्म हाउस पर छापा मारा गया,मगर वह पुलिस के हाथ नही लगा। उसके होने के अन्य संभावित स्थानों पर भी पुलिस ने दबिश दी। इसके बावजुद उसका कोई पता नही चला। कार्रवाई को लेकर अपर आयुक्त नीलेश भरणे ने संदहे जताया कि,राजू को उसके खिलाफ कार्रवाई होने का अंदेशा हुआ होंगा। जिसके चलते नागपुर में कदम रखते ही राजू उल्टे पैर नाशिक भाग गया है। इस बीच उसे हार्ट अटैक आने का भी पता चलने की जानकारी अपर आयुक्त भरणे ने दी है।

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आईसेक्ट पब्लिकेशन को लगातार तीसरे वर्ष मिला एक्सीलेंस अवॉर्ड इन बुक पब्लिशिंग

डिजिटल डेस्क, भोपाल । इंटरनेशनल पब्लिशर्स एसोसिएशन की भारतीय प्रतिनिधि संस्था फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स नई दिल्ली द्वारा लगातार तीसरे वर्ष  आईसेक्ट पब्लिकेशन को एक्सिलेंस अवॉर्ड इन बुक पब्लिशिंग प्रदान किया गया है। इस बार आईसेक्ट प्रकाशन की पत्रिकाओं ‘वनमाली कथा’ एवं ‘रंगसंवाद’ को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ मनमोहन सिंह, जस्टिस दिल्ली हाईकोर्ट थे।

इस अवसर पर आईसीसीआर के अध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त आईसेक्ट पब्लिकेशन  को अब तक रिफरेंस बुक, साइंस एंड टेक्निकल बुक, चिल्ड्रन्स बुक, जर्नल एंड हाउस मैग्जीन कैटेगरी में भी पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। इस अवसर पर आईसेक्ट पब्लिकेशन के हेड महीप निगम ने बताया कि यह सफलता विश्वरंग के निदेशक, रविन्द्र नाथ टैगोर विश्वविधालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे जी एवं वनमाली सृजन पीठ के अध्यक्ष श्री मुकेश वर्मा जी के मार्गदर्शन का परिणाम है। इस अवसर पर आईसेक्ट पब्लिकेशन के संपादक मंडल  एवं समस्त साथी एवं  श्री विनय उपाध्याय जी को विशेष रूप से बधाई।