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Pakistan: कराची में स्टॉक एक्सचेंज पर हमला, 5 लोगों की मौत, BLA ने ली अटैक की जिम्मेदारी

Highlights

डिजिटल डेस्क, कराची। कराची के पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) पर सोमवार को हमला हुआ। इस हमले में 5 लोगों की मौत हो गई जबकि कुछ लोग घायल हो गए। लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों ने हमला करने वाले चारों हमलावरों को ढेर कर दिया। सुबह करीब 10 बजे चार हमलावरों ने PSX इमारत पर धावा बोला और अंधाधुंध गोलियां चलाईं। हमलावरों ने ग्रेनेड से भी हमला किया। हमले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और रेंजर्स घटना स्थल पर पहुंच गए और इलाके की घेराबंदी कर दी। सुरक्षाकर्मियों ने इमारत में घुसकर पीछे के गेट से इसे खाली कराया। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। BLA की माजिद बिग्रेड ने इस हमले को अंजाम दिया। बता दें कि जब पाकिस्तान ने धोखेबाजी से बलूचिस्तान पर कब्जा कर लिया था तब आजाद देश की मांग को लेकर 1970 में यह संगठन बना था। 

हमलावरों ने इमारत के एंट्रेंस पर ग्रेनेड फेंका
शुरुआती रिपोर्टों और चश्मदीद गवाहों के बयान के मुताबिक, हथियारबंद लोग PSX कंपाउंड में एक सेडान में पहुंचे और पार्किंग ग्राउंड की तरफ से घुसने का प्रयास किया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने इसका वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें दिखाई दे रहा है कि हमलावरों के कंधे पर बैकपैक्स और हाथों में ऑटोमेटिक हथियार है। कंपाउंड में प्रवेश करने में विफल रहने के बाद हमलावरों ने बंदूक और ग्रेनेड हमला किया। हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए इमारत को उड़ाने का प्रयास किया। उनके पास से बरामद उपकरण, हथियार और गोला-बारूद से पता चलता है कि वह पूरी तैयारी से यहां आए थे। पुलिस ने कहा कि स्टॉक एक्सचेंज पर हमला करने वाले चारों लोगों को मार दिया गया है। इस हमले में चार सुरक्षा गार्ड और एक पुलिसकर्मी मारा गया। घायलों को मेडिकल के लिए नजदीकी अस्पताल में भेज दिया गया है। PSX के डायरेक्टर आबिद अली हबीब ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

क्या कहा BLA ने?
सोमवार देर शाम जारी एक संदेश में बीएलए ने कहा कि इस हमले का लक्ष्य पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और चीन पर हमला करना था क्योंकि वह बलूचिस्तान में दखलअंदाजी कर रहा है। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में चीनी कंपनियों का भारी निवेश है और इससे उनके हित जुड़े हुए हैं। बता दें कि जब पाकिस्तान ने धोखेबाजी से बलूचिस्तान पर कब्जा कर लिया था तब आजाद देश की मांग को लेकर 1970 में यह संगठन बना था। बलूचिस्तान में दो मुख्य कबीले हैं। इन दोनों का ही बीएलए पर दबदबा है। ये हैं मारी और बुगती। हालात ये हैं कि कई इलाकों में इनके डर की वजह से पाकिस्तानी फौज जमीन पर नहीं उतरती। इसलिए हवाई हमले किए जाते हैं। बलूचिस्तान में चीन का भी प्रभाव है जो पाकिस्तान के साथ मिलकर यहां सीपैक और ग्वादर पोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। बीएलए का कहना है कि चीन के साथ मिलकर पाकिस्तान उनकी संस्कृति को खत्म करना चाहता है।