पुलवामा अटैक देश विदेश कुंभ 2019 मुख्य शहर राज्य राशिफल मनोरंजन बिज़नेस Gadgets ऑटोमोबाइल लाइफस्टाइल स्पोर्ट्स धर्म अजब गजब वीडियो फोटोज रेसिपी ई-पेपर
9.5k
6
0

राहुल, मनमोहन समेत दिग्गजों की मौजूदगी में गहलोत-पायलट ने ली शपथ

Highlights

डिजिटल डेस्क, जयपुर। अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने आज (सोमवार) को 22 वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की है। गहलोत तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने हैं। गहलोत के साथ सचिन पायलट ने पांचवे उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।  राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने अशोक गहलोत और सचिन पायलट पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह जयपुर के अल्बर्ट हॉल में आयोजित किया गया था। आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने अल्बर्ट हाॅल में शपथ ली है। इस बार गहलोत का शपथ ग्रहण समारोह जश्न के साथ हुआ। इससे पहले गहलोत ने दो बार राजभवन में सादगी से शपथ ग्रहण की है। राजस्थान में अब तक सरकारों के शपथ ग्रहण समारोह राजभवन या विधानसभा के बाहर जनपथ पर होते रहे हैं। कांग्रेसी सरकारों के शपथ ग्रहण तो हमेशा राजभवन में ही हुए हैं। गहलोत ने पिछले दो कार्यकाल में राजभवन में ही शपथ ली है। यह पहला मौका है जब गहलोत ने अल्बर्ट हाॅल पर हजारों लोगों की मौजूदगी में शपथ ली।

LIVE UPDATE

लोकसभा चुनाव से पहले इस समारोह को एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है, जिसके जरिए कांग्रेस अपनी जीत का संदेश पूरे प्रदेश और देश की जनता तक पहुंचाना चाहती है। अब तक ऐसे बड़े समारोह भाजपा ही करती आई है। भाजपा की पिछली दोनों सरकारों के शपथ ग्रहण समारोह विधानसभा के बाहर जनपथ पर हुए हैं।

गहलोत सरकार शपथ ग्रहण समारोह भी पहले जनपथ पर ही होना तय हुआ था, लेकिन पिछले दिनों हाईकोर्ट की ओर से जनपथ स्थित अम्बेडकर सर्किल के आसपास आयोजनों पर लगाई गई रोक को देखते हुए शपथ ग्रहण समारोह के लिए हाईकोर्ट से अनुमति मांगी गई थी। कोर्ट ने इस मसले पर शनिवार को लंबी सुनवाई के बाद सशर्त आयोजन की अनुमति दे दी थी। कोर्ट ने ट्रैफिक बाधित नहीं करने की शर्त रखी थी। इसके बाद सरकार ने शाम को समारोह की जगह ही बदल दी।

इन नेताओं के पहुंचने के आसार
शरद पवार (राकांपा), एचडी देवगोड़ा (जेडीएस) और उनके बेटे कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, बिजावर विधायक राजेश कुमार (सपा), शरद यादव (लोजद), फारुक अब्दुल्ला (नेकां), हेमंत सोरेन (झामुमो), आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (तेदपा), एमके स्टालिन (द्रमुक), तेजस्वी यादव (राजद), बदरुद्दीन अजमल (एआईयूडीएफ)। ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, मायावती और सोनिया गांधी को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे निजी वजहों के कारण उनके आने की संभावना कम है। अखिलेश ने ट्वीट करके बताया कि उनके प्रतिनिधि के तौर पर विधायक राजेश कुमार पहुंचेंगे।

अशोक गहलोत का राजनीतिक सफर
लंबे समय से राजस्थान की राजनीति में सक्रिय गहलोत जनता के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं और उन्हें 'राजनीति का जादूगर' और 'मारवाड़ का गांधी' जैसे उपनामों से भी बुलाया जाता है। खास बात यह है कि राजनीतिक के इस जादूगर ने समय-समयर पर पार्टी को न सिर्फ ऊंचाई दी बल्कि विरोधियों को भी बता दिया राजनीति के दंगल में उनका नाम ही काफी है। राजनीतिक जानकारों की माने तो मारवाड़ के इस गांधी को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी राजनीति में लेकर आईं। 67 वर्षीय गहलोत ने कुछ ऐसे संभाली है जिम्मेदारी

गहलोत 1980 से 1999 तक पांच बार 7वीं, 8वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं लोकसभा के लिए भी चुने गए। गहलोत 1999 से जोधपुर के सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह 11वीं, 12वीं,13वीं और 14वीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं।