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ई-कॉमर्स पॉलिसी में बदलाव, ग्राहकों के साथ कंपनियों को नुकसान

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एक फरवरी से ई-कॉमर्स कंपनियों में नए नियम लागू हो गए हैं। नए नियम लागू होने के बाद कंपनियों को करोड़ा का नुकसान हुआ। नई नियम के बाद अमेजन और वॉलमार्ट को करीब 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। दोनों कंपनियों ने साल 2018 में बड़े पैमाने पर भारत में निवेश किया था। अमेजन ने भारतीय बाजार में 35.7 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया। वहीं वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी 1.14 लाख करोड़ रुपए में खरीदी थी। नए नियम लागू होने के बाद अमेजन के शेयर की कीमत 5.38 फीसदी गिर गई। वहीं वॉलमार्ट के शेयर की कीमत 2.06 फीसदी गिरी।

क्या है नया नियम-
नए नियम के मुताबिक, ई-कॉमर्स कंपनियां उन कंपनी के प्रॉडक्ट नहीं बेच सकते, जिसके साथ उनकी हिस्सेदारी है। वहीं कंपनी अब किसी प्रॉडक्ट विशेष की एक्सक्लूसिव सेल नहीं चला सकती। इस नियम के बाद अब ग्राहकों को ना जल्द डिलीवरी मिलेगी ना ऑफर। नई नीति के बाद ग्राहकों को सामान अब देर से मिलेगा,और उन्हें अधिक कीमत चुकानी होगी। 

नई नीति लागू होने का कारण-
ई-कॉमर्स कंपनियां जो सामान अपनी वेबसाइट पर बेचती हैं। उसमें उनकी सहयोगी कंपनियों की ओर से सप्लाई किए जाने वाले प्रोडक्ट भी होते हैं। कंपनियां कम दामों में ये प्रोडक्ट्स बेचती हैं। जिसके कारण रिटेल व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में सरकार ने व्यापारियों को राहत पहुंचाते हुए ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नए नियम लागू कर दिए। 

मांगी मोहलत-
ई-कॉमर्स कंपनियों ने सरकार से मोहलत मांगी थी। जो सरकार ने उन्हें नहीं दी। जिसके कारण कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कंपनियों ने सरकार से 6 महीने का समय मांगा था। कंपनियों की दलील थी कि लाखों का माल जल्द बिक्री कर पाना संभव नहीं होगा। इसलिए नियमों को लागू करने की समय अवधि बढ़ाए, परंतु सरकार ने दलील को नकार दिया।