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रणजी ट्राफी: विदर्भ ने सौराष्ट्र को 78 रनों से हराया, स्पिनर आदित्य सरवटे बने ‘मैन ऑफ द मैच 

Highlights

डिजिटल डेस्क, नागपुर। लेफ्ट आर्म स्पिनर आदित्य सरवटे (59 रन पर 6 विकेट) के घातक प्रदर्शन से गत चैंपियन विदर्भ ने विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन के जामठा मैदान पर सौराष्ट्र को पांचवें और अंतिम दिन गुरुवार को 78 रनों से शिकस्त देकर रणजी ट्रॉफी में अपनी बादशाहत बरकरार रखी। विदर्भ ने सौराष्ट्र के सामने जीत के लिए 206 रनों का लक्ष्य रखा था लेकिन सौराष्ट्र चौथे दिन अपने पांच विकेट मात्र 58 रनों पर खो दिए थे। सौराष्ट्र को अंतिम 148 रनों की जरूरत थी लेकिन उसकी टीम 58.4 ओवर में मात्र 127 रन पर ढेर हो गई।

विदर्भ ने पिछले साल दिल्ली को हराकर खिताब जीता था और इस बार उसने सौराष्ट्र को पस्त कर दिया। इस हार से सौराष्ट्र का पहली बार रणजी चैंपियन बनने का सपना टूट गया। सौराष्ट्र की टीम 2015-16 के फाइनल में मुंबई से हारी थी।

आदित्य ने मैच में कुल 11 विकेट झटके
पहली पारी में पांच विकेट लेने वाले सरवटे ने इस प्रदर्शन को दूसरी पारी में भी बरकरार रखते हुए 24 ओवर में 59 रन पर छह विकेट हासिल किए और मैच में 11 विकेट पूरे किए। ऑफ स्पिनर अक्षय वखरे ने 37 रनों पर तीन विकेट और तेज गेंदबाज उमेश यादव ने 31 रन पर एक विकेट लिया। सरवटे को मैच में उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार दिया गया। सौराष्ट्र ने पांच विकेट पर 58 रन से आगे खेलना शुरू किया। विश्वराज जडेजा ने 23 और कमलेश मकवाना ने दो रन से पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाज स्कोर को 88 रन तक ले गए लेकिन सरवटे ने मकवाना को बोल्ड कर इस साझेदारी को तोड़ दिया। मकवाना ने 45 गेंदों पर 14 रन में दो चौके लगाए। वखरे ने प्रेरक मांकड को पगबाधा कर दिया।

सातवां विकेट 91 पर गंवाए
मांकड ने दो रन बनाए और सौराष्ट्र ने अपना सातवां विकेट 91 के स्कोर पर गंवा दिया। इस बीच विश्वराज ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया लेकिन अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद वह सरवटे की गेंद पर पगबाधा हो गए। विश्वराज ने 137 गेंदों का सामना किया और 52 रनों में छह चौके लगाए। विश्वराज का विकेट 103 के स्कोर पर गिरते ही सौराष्ट्र की तमाम उम्मीदें समाप्त हो गईं। सरवटे ने सौराष्ट्र के कप्तान जयदेव उनादकट (7) को पगबाधा किया जबकि वखारे ने धर्मेंद्र सिंह जडेजा (17) को सरवटे के हाथों कैच कराकर सौराष्ट्र की पारी 127 रनों पर समेट दी। धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने 56 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में दो चौके लगाए। सुबह गिरे पांच विकेट में तीन सरवटे ने और दो वखारे ने लिए।

शानदार जीत का जश्न
विदर्भ के कप्तान फैज फजल और पूरी टीम ने विजेता ट्रॉफी ग्रहण की और चैंपियंस बोर्ड के साथ खड़े होकर इस शानदार जीत का जश्न मनाया। फजल ने इस जीत को अद्भुत करार दिया जबकि उनादकट ने चैंपियन बनने के लिए विदर्भ को बधाई दी।

फैज फजल लगातार दो खिताब जीतने वाले 11वें कप्तान बने
मेजबान टीम टूर्नामेंट में 11 में से एक भी मैच नहीं हारी
विदर्भ अपना खिताब बचाने वाली छठी टीम बनी

-इससे पहले, मुंबई, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक की टीमें अपना-अपना बचा चुकी हैं खिताब-- रणजी इतिहास में यह छठा मौका है, जब किसी गेंदबाज ने फाइनल की दोनों पारियाें में 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए-- वसीम जाफर का परफेक्ट टेन
विदर्भ के वसीम जाफर का यह 10वां फाइनल था। उन्होंने सभी में जीत दर्ज की। जाफर ने मुंबई के लिए 8 और विदर्भ के लिए दो फाइनल खेले। वसीम जाफर सबसे ज्यादा 149 रणजी मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने मौजूदा सीजन में यह रिकॉर्ड बनाया।

-बुंदेला (मप्र) का रिकॉर्ड तोड़ा40 साल के जाफर ने देवेंद्र बुंदेला (मप्र) का 145 मैच का रिकॉर्ड तोड़ा। जाफर 85 साल के रणजी इतिहास में दो सीजन में 1000 से ज्यादा रन बनाने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2008-09 में मुंबई के लिए 1260 और मौजूदा सीजन में विदर्भ के लिए 1037 रन बनाए। -- विदर्भ के कोच चंद्रकांत पंडित बतौर खिलाड़ी भी चैंपियन बन चुके हैं
विदर्भ के कोच चंद्रकांत पंडित बतौर खिलाड़ी भी रणजी चैंपियन बन चुके हैं। उनकी कोचिंग में विदर्भ पिछले साल भी चैंपियन बना था। वे 1983-84 और 1984-85 में चैंपियन बनने वाली मुंबई टीम में शामिल थे। उन्होंने मुंबई को बतौर कोच तीन बार (2002-03, 2003-04, 2015-16) चैंपियन भी बनाया। वे 2011-12 में चैंपियन बनने वाली राजस्थान टीम के भी कोच थे। विकेटकीपर बल्लेबाज चंद्रकांत भारत की ओर से 5 टेस्ट और 36 वनडे भी खेल चुके हैं।

--नंबर गेम
1331 रन बनाए मिलिंद कुमार (सिक्किम) ने मौजूदा सीजन में। वे हाईएस्ट स्कोरर रहे। उन्होंने 6 शतक जमाए।

68 विकेट लिए आशुतोष अमान (बिहार) ने। एक सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने का 44 साल पुराना बिशन सिंह बेदी (64 विकेट) का रिकॉर्ड तोड़ा।
6 हैट्रिक लगी इस सीजन में। एक सीजन में सबसे ज्यादा हैट्रिक का रिकॉर्ड बना।

20 दोहरे शतक लगे रणजी के इस सीजन में। इससे ज्यादा दोहरे शतक 2016-17 सीजन में लगे थे। तब 24 डबल सेंचुरी लगी थीं।
8 दोहरे शतक हो गए पारस डोगरा (पुड्डुचेरी) के रणजी में। दिल्ली के अजय शर्मा (7) का रिकॉर्ड तोड़ा।

7 गेंदबाजों ने 50 या उससे ज्यादा विकेट लिए। किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ विकेट का रिकॉर्ड।


--स्कोर बोर्ड

विदर्भ पहली पारी 312
सौराष्ट्र पहली पारी 307

विदर्भ दूसरी पारी 200

सौराष्ट्र दूसरी पारी रन गेंद 4 6

देसाई कै. एंड बो. सरवटे 8 13 1 0

पटेल कै. जाफर बो. सरवटे 12 27 2 0
विश्वराज पगबाधा बो. सरवटे 52 137 6 0

पुजारा बगबाधा सरवटे 0 5 0 0
वास्वदा कै. वाडकर बो. उमेश 5 34 0 0

जैकसन बोल्ड वखरे 7 11 1 0
मकवाना बोल्ड सरवटे 14 45 2 0

माकंड पगवाधा वखरे 2 2 0 0

डी. जडेजा कै. सरवटे बो. वखरे 17 56 2 0

उनादकट पगबाधा सरवटे 7 15 1 0

सकारिया नाबाद 2 7 0 0

अतिरिक्त : 01, कुल : 58.4 ओवर में सभी विकेट खोकर 127 रन, विकेट पतन: 1-19, 2-22, 3-22, 4-35, 5-55,6-88,7-91,8-103,9-121, 10-127, गेंदबाजी: सरवटे 24-6-59-6, उमेश 10-1-31-1, वखरे 22.4-6-37-3, कर्णेवार 2-2-0-0.