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नागेश्वर राव अवमानना के दोषी, SC ने ऑन स्पॉट दी ऐसी सजा

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम से संबंधित सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मामले में सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव सजा पूरी करने के बाद कोर्ट से चले गए हैं। इस मामले में कोर्ट ने नागेश्वर राव को अनोखी सजा सुनाई थी। उन्हें दिन भर के लिए कोर्ट के एक कोने में बैठने की सजा दी गई थी। हालांकि अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट से आग्रह किया था कि CBI के पूर्व अंतरिम निदेशक ने काफी सज़ा भुगत ली है, अब उन्हें जाने दिया जाए। इस पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए कहा, 'यह आपका दंड है...आपसे कहा गया है, कोर्ट उठने तक बैठे रहें...क्या आप चाहते हैं कि हम कल कोर्ट उठने तक आपकी सज़ा बढ़ा दें...? 

इससे पहले अटॉर्नी जनरल ने अदालत से कहा था कि नागेश्वर ने बिना शर्त माफी मांगी है। उन्होंने ऐसा जानबूझकर नहीं किया। सोमवार को राव अदालत के सामने पेश हुए थे। उन्होंने अदालत से बिना शर्त माफी मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी नोटिस के जवाह में उन्होंने सोमवार को हलफनामा दायर किया था। अपने हलफनामे में राव ने कहा था कि मुधे अपनी गलती का अहसास है। मैनें जानबूझकर कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन नहीं किया। 

उन्होंने दायर हलफनामे में लिखा है कि अदालत के आदेश के बिना मुख्य जांच अधिकारी को स्थानांतरित नहीं करना चाहिए। यह मेरी गलती है, मेरी माफी को स्वीकार करें। बीते गुरुवार को कोर्ट ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई करते हुए नागेश्वर राव को तलब किया था। कोर्ट ने उन्हें फटकाई लगाई थी कि किस परिस्थिति में उन्होंने जांच अधिकारी का ट्रांसफर किया।