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अर्धकुम्भ में परी अखाड़े की पेशवाई पर रोक

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डिजिटल डेस्क, इलाहाबाद। प्रयागराज में लगे अर्धकुम्भ में अखाड़ों की पेशवाई का दौर शुरू हो गया है, इसी बीच अखाड़ा परिषद से परी अखाड़े को मान्यता प्रात न होने के कारण परी अखाड़े की पेशवाई पर रोक लगा दी गई है। हलांकि अन्य अखाड़े तीन अनी अखाड़ों ने परंपरा के तहत चतु:संप्रदाय खालसा में धर्म ध्वजा स्थापित की। कुम्भ की तैयारियों में भाग लेते हुए पर्यटन विभाग ने सांस्कृतिक ग्राम की निर्माण किया है जो कि यहां पहली बार देखा गया है। 

अर्धकुम्भ में अखाड़ों का चतु:संप्रदाय में ध्वजारोहण
प्रभु श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान के जयकारों के साथ भगवान विष्णु को अपना आराध्य मानने वाले वैष्णव बैरागी अखाड़े ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन करते हुए चतु: संप्रदाय की धर्म ध्वजा को स्थापित कर दिया है। धर्म ध्वजा स्थापित करने के इस धार्मिक और सनातनी परंपरा में  दिगंबर, निर्मोही और निर्वाणी अखाड़ों के संत-सन्यासियों ने भाग लिया । इस मौके पर चतु: संप्रदाय के मंगला पीठाधीश्वर माधवाचार्य जी महाराज ने जानकारी दी कि अब से छावनी में डेढ़ माह तक हवन, पूजन, भंडारे व प्रवचन जैसे धार्मिक कार्यों का आयोजन जारी रहेगा।

प्रशासन से नाराज तीर्थ पुरोहितों ने किया शुद्धि-बुद्धि यज्ञ
अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के तत्वाधान में बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया। यह यज्ञ प्रशासन को सद्बुद्धि देने की इच्छा से किया जा रहा है क्योंकि तीर्थ पुरोहित प्रशासन के कार्यों से नाराज है यह यज्ञ बुधवार को 11 बजे से दारांगज के दशाश्वमेघ घाट पर किया गया।

शिवसेना ने किया अर्धकुंभ में अपने शिविर का भूमिपूजन
प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले में शिवसेना सेक्टर 11 पर अपने शिविर भूमि पूजन करेगी। इस कार्यक्रम में शिवसेना प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह भी मौजूद रहेंगे।

शाही सवारी के साथ निकले संत
कुंभ नगरी आए स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज दिव्य रथ पर सवार होकर हाथी, घोड़ा, ऊंट और संतों के साथ शाही सवारी लेकर मेला स्थल पहुंचे थे। सरस्वती जी के साथ में  50 रथों पर सवार होकर अन्य साधू संत भी कुंभनगरी पहुंचे । श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन ने अपनी धर्म ध्वजा संगम की रेती पर फहराई ।