पुलवामा अटैक देश विदेश कुंभ 2019 मुख्य शहर राज्य राशिफल मनोरंजन बिज़नेस Gadgets ऑटोमोबाइल लाइफस्टाइल स्पोर्ट्स धर्म अजब गजब वीडियो फोटोज रेसिपी ई-पेपर
1.4k
0
0

बच्चे के विकास के लिए प्रेग्नेंसी में जरुर खाएं तुलसी, और भी हैं कई फायदे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तुलसी का पौधा लगभग सभी भारतीय परिवारों के घर में पाया जाता है। यह पौधा धार्मिक कारणों के साथ-साथ वैज्ञानिक कारणों के लिए भी जाना जाता है। यह छोटा सा पौधा कई सारे औषधीय गुणों से भरपूर है, इसलिए कई रोगों के उपचार के लिए तुलसी का सेवन किया जाता है। जितनी फायदेमंद यह किसी विकार के लिए है, उतनी ही फायदेमंद यह गर्भाअवस्था के लिए भी है। 

जी हॉ... प्रेग्नेंसी में तुलसी का सेवन करने से हमारा स्वास्थ ठीक रहता है, क्योंकि तुलसी हमारी इंम्युनिटी सिस्टम को बेहतर बनाए रखती है। इसके पत्तों में पाया जाने वाला एंटी बैक्टीरियल गुण, हमें इंफेक्शन से बचाए रखता है। प्रेग्नेंसी में तुलसी के पत्ते खाने से कई अन्य लाभ भी​ मिलते हैं। 

एनर्जी बनी रहती है।
प्रेग्नेंसी में अक्सर थकान महसूस होती है। इस दौरान शरीर में उर्जा का कम लगना, चक्कर आना, उल्टी होना, आम सी बात है। ​इसलिए तुलसी का एक पत्ता डेली खाने से आपमें उर्जा बनी रहती है। तुलसी में एंटी-बैक्‍टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो शरीर से कमजोरी को दूर करते हैं। 

संक्रमण से बचाता है
तुलसी में एंटी बैक्टीरियल गुण होने के कारण यह संक्रमण से बचाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान कई संक्रमक बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है, जिसका खतरा इसके सेवन से कम हो जाता है। 

बच्चे के विकास में सहायक
तुलसी का पत्ता गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए फायदेमंद होता है। इसमें पाया जाने वाला विटामिन ए बच्चें के विकास में सहायता करता है। प्रेग्नेंसी में इसे खाने से पेट में पल रहे बच्चे का तंत्रिका तंत्र मजबूत रहता है।  

विटामिन से भरपूर
इसमें ​भरपूर मात्रा में विटामिन पाया जाता है, जिससे ब्ल्ड सर्कुलेशन ठीक रहता है। 

एनीमिया से बचाता है
प्रेग्नेंट लेडी को, इस दौरान एनिमिया होने का खतरा बना रहता है। वैसे भी प्रेग्नेंसी में खून की कमी होने से कई अन्य बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में रोज तुलसी के पत्ते का सेवन हमारे स्वास्थ के लिए फायदेमंंद होता है। इतना ही नहीं, यह लाल रक्त कणिकाओं को बढ़ाने का काम भी करता है, इसलिए तुलसी के सेवन से एनीमिया होने का खतरा कम हो जाता है।