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पुणे में 26 घंटे 36 मिनट तक चला गणेश विसर्जन जुलूस, ध्वनी प्रदूषण के 75 मामलों में 33 साऊंड सिस्टम जब्त

डिजिटल डेस्क, पुणे। पूरे देश में प्रसिध्द यहां का गणेश विसर्जन जुलूस 26 घंटे 36 मिनट तक चला। पिछले साल की तुलना में इस साल 1 घंटा 29 मिनट पहले जुलूस समाप्त हुआ। इस दौरान छुटपुट घटनाएं छोड़ किसी भी प्रकार की बड़ी घटना नहीं हुई। रविवार की सुबह साढ़े दस बजे सब्जी मंडी स्थित तिलक पुतले के सामने सम्मान के पहले कसबा गणपति की आरती जिले के अभिभावक मंत्री गिरीष बापट ने की। उसके बाद विसर्जन जुलूस की शुरूआत हुई। 

कसबा गणपति के बाद सम्मान के दूसरे तांबडी जोगेश्वरी गणपति, तीसरे गुरूजी तालीम गणपति, चौथे तुलसीबाग तथा पांचवें केसरी वाड़ा गणपति जुलूस में शामिल हुए। लक्ष्मी रोड से शोभा यात्रा निकालते हुए शाम सात बजे तक पाचों गणपतियों का विसर्जन किया गया। सोमवार तड़के करीबन पांच बजे श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति का विसर्जन किया गया और दोपहर एक बजकर छह मिनट पर महाराष्ट्र तरूण मंडल के गणपति का विसर्जन होने के बाद जुलूस का समापन हुआ। 

24 गणेश मंडलों ने जगह पर ही विसर्जन किया। 26 घंटे 36 मिनटों तक चले जुलूस में किसी भी प्रकार की बड़ी घटना नहीं हुई। शहर पुलिस के नियोजनबध्द बंदोबस्त के कारण जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। हालांकि DJ के कारण कुछ जगहों पर गणेश मंडल और पुलिस में बहस हुई। पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के 75 मामले दर्ज किए हैं। वहीं 33 साऊंड सिस्टम जब्त किए हैं। DJ लगानेवाले 30 मंडलों पर मामले दर्ज किए गए हैं। 

विश्वविनायक रथ पर सवार थे दगडूशेठ गणपति
रंगबिरंगे, आकर्षक हजारों दियों की जगमगाहट से रोशन हुए विश्वविनायक रथ पर श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति सवार थे। 21 फीट ऊंचे रथ में बैठे  बाप्पा का रूप सुंदर दिख रहा था। यह रूप देखने के लिए लाखों की तादाद में जनसैलाब उमड़ा हुआ था। 
 

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पद्मश्री मालिनी अवस्थी के लोक गायन से महकेगी 'विश्वरंग पुस्तक यात्रा 2022

डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रख्यात लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी 30 सितंबर की शाम 6.30 बजे राजधानी (भोपाल) के रवीन्द्र भवन में पारंपरिक गीतों की गुँजार बिखेरेंगी। इस अवसर पर डॉ. विनीता चौबे जी की पुस्तकें– "संस्कार गीत" एवं "चतुर्वेदी चंद्रिका" 'सामाजिक बदलाव के 125 साल' का 'लोकार्पण' समारोह पूर्वक होगा।

श्री संतोष चौबे, वरिष्ठ कवि–कथाकार, निदेशक, विश्व रंग एवं कुलाधिपति, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा परिकल्पित भारत के चार राज्यों में एक साथ 11 भव्य विश्व रंग पुस्तक यात्राएँ 100 जिलों, 200 विकास खंडों, 500 ग्रामपंचायतों की 15000 कि.मी. की यात्रा करते हुए गावों, कस्बों, शहरों में पुस्तक संस्कृति की अलख जगाती 'विश्वरंग पुस्तक यात्रा' 2022 के दस दिवसीय अभियान का चरम लोक संस्कृति एवं पुस्तक संस्कृति के इस उत्सवधर्मी उल्लास के साथ होगा। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़), खंडवा (मध्यप्रदेश), वैशाली (बिहार), आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग (झारखंड) और उनके सहयोगी संस्थानों की संयुक्त पहल पर आयोजित किताबों के इस विशाल काफि़ले में मालिनी अवस्थी की शिरक़त सुरमई परंपरा और मनोरंजन का सुनहरा ताना-बाना लिए होगी। 'लोकराग' शीर्षक इस सभा का संयोजन टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल ने किया है। इस अवसर पर मालिनी अवस्थी को 'शारदा चौबे लोक सम्मान' से विभूषित किया जाएगा।

लखनऊ में जन्मी मालिनी का संगीत के प्रति लड़कपन से ही रूझान रहा। इसी आग्रह के चलते उन्होंने भात खण्डे संगीत विश्वविद्यालय (लखनऊ) से हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की। गायिकी में निखार और व्यावहारिक पहलुओं के मार्गदर्शन के लिए मूर्धन्य गायिका गिरिजा देवी की शागिर्द बनीं। तालीम और अभ्यास की पूँजी लेकर मालिनी ने जब सार्वजनिक सभाओं में दस्तक दी तो उनकी मीठी-मदिर और ठेठ मिट्टी की सौंधी गंध से महकती गायिकी ने हज़ारों श्रोताओं को उनका मुरीद बना लिया है। भारत के अनेक लोक उत्सवों और कुंभ-मेलों के आमंत्रण मिले। एनडीटीवी इमेजिन रियलिटी शो 'जूनून' के जरिए मालिनी जी की गायिकी का ठेठ पारंपरिक अंदाज सरहद पार के मुल्कों को भी रास आया है। भारत सरकार के पद्मश्री अलंकरण के साथ ही संगीत नाटक अकादेमी दिल्ली और मध्यप्रदेश सरकार के राष्ट्रीय अहिल्या बाई सम्मान से भी उन्हें विभूषित किया जा चुका है।

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जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनिल भसीन ने अपनी नई किताब "रीसेट योर लाइफ" के लॉन्च के माध्यम से एक सरल रूपरेखा को शेयर  किया है

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। हम सभी ने अपने जीवन के किसी न किसी अवस्था में असफलताओं का सामना किया ही होगा क्योंकि यह हम सबके लिए  एक आम बात जैसीही होती है। ऐसे समय में, हर कोई व्यक्तिसफलता प्राप्त करने की ख्वाहिश  का बेसब्री से इंतजार करता ही है। हालांकि,इसके लिए आपने अपने दृष्टिकोण को बदलने, शुभचिंतकों और सलाहकारों से राय लेने या सलाह लेने के अनेक प्रयास किए होंगे, लेकिन इन सबके अलावा एक और चीज भी हो सकती है जो आपकी विचार प्रक्रिया और जीवन-धारा के रुख को बदलने में मदद कर सकती है। और वो चीज़ है - प्रेरक पुस्तकों को अपना जीवन संबल बनाना।

अनिल भसीन एक प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर होने के साथ एक प्रसिद्ध लेखक भी हैं और उनकी लिखी पुस्तक - *अपने जीवन को रीसेट करें- सफलता प्राप्त करने की सरल रूपरेखा”, एक ऐसी पुस्तक है जो आपको सफलता की सीढ़ी को चढ़ने का एक अमूल्य संदेश दे सकती है।

स्वयं को'रीसेट योर लाइफ' से प्रेरित करें

जीवन में कभी-कभी ऐसा भी होता है जब आप अपनी असफलताओं से भरे समय से खुद को बाहर निकालने और अपनी जिंदगी को फिर से शुरू करने में स्वयं को सक्षम नहीं पाते हैं। तब उस समय व्यक्ति को अपने जीवन को पटरी पर लाने के लिए एक मजबूत प्रोत्साहककी ज़रूरत महसूस होती है। *'रीसेट योर लाइफ'*आपके जीवन को मजबूती देने वाली वह बाहरी ताकत है जो आपको आगे बढ़ने के लिए कमर कसने के लिए प्रेरित कर सकती है। तो क्यों न आप  अपने जीवन में खुशनुमा परिवर्तन लाने के लिए एक बार इस पुस्तक को हाथ में लेकर देखें!

अनिल भसीन ने अपनी विकास यात्रा में निजी और पेशेवर जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रूप से अनुभव किए गए तजुर्बों को इस पुस्तक में समेटने का अथक प्रयास किया है।रोजगार ढूँढने वाले एक सामान्य युवक अनिल से लेकर 1.3 बिलियन डॉलर की कंपनी हैवेल्स के अध्यक्ष अनिल भसीन बनने तक की विकास यात्रा में पाठक उस सूत्र को देख सकते हैं जिसके माध्यम से वो एक अनुभवी और सफल व्यक्तित्व के रूप में उभर कर आते हैं। सुनिश्चित सफलता प्राप्त करने के लिए बनाई गई यह रूपरेखा असंदिग्ध रूप से ही आपके जीवन को फिर से व्यवस्थित करते हुए आपको सफलता की ओर ले जासकती है।

अनिल के उत्थान और व्यावहारिक दृष्टिकोण को उनकी पुस्तक में कोडित एम-सी-ए सूत्र में देखा जा सकता है। उनके जीवन की कहानियां पाठकों को इस सूत्र और उसकी उपयोगिता को समझने में मदद करती हैं।

सफलता के लिए एमसीए फॉर्मूला
अनिल भसीन द्वारा लिखी गई इस प्रेरक पुस्तक के शब्दों और पंक्तियों के ताने-बाने में, आप सफलता के लिए लेखक के एम-सी-ए फॉर्मूले को बहुत आसानी से देख सकते हैं: 

●    अपनी मानसिकता को रीसेट करें
●    अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए स्पष्ट रहें 
●    अपने लक्ष्यों प्राप्त करने के लिए ठोस कार्य करें 

इसके साथ ही अनिल भसीन का यह भी दृढ़ विश्वास है कि हर किसी को निश्चित रूप से अपनी असफलताओं से बाहर निकलने और अपने जीवन का 'रीसेट' बटन दबाने का मौका मिलता है। दरअसल,यह अनूठा सूत्र तीन गुना स्तर पर काम करता है और जो भी आप अपनी जिंदगी में प्राप्त करना चाहते हैं उसे प्राप्त करने का आश्वासन भी देता है। इसके बाद , आप अपनी सफलता की यात्रा को शुरू कर सकते हैं।
इस किताब के हर पेज और हर शब्द के बीच में कहीं न कहीं आपको वह मिल जायेगा जो आपके जीवन में सफल होने के लिए नितांत आवश्यक हो सकता है।और इसके साथ ही जीवन की चुनौतियों और असफलताओं को दूर करने के लिए इच्छित  समाधान की आपकी तलाश अनिल भसीन की 'रीसेट योर लाइफ' के साथ समाप्त हो जाती है। आपकी कोई भी स्थिति हो, इसके बावजूद, आप निश्चय ही सफलता का पुरस्कार प्राप्त करते हुए जीवन की महान ऊंचाइयों तक सरलता से पहुंच सकते हैं।
 

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जीवन के हर पड़ाव पर जरूरी है टर्म इन्श्योरेन्स। जानिए कैसे

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। टर्म इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस का सबसे किफायती प्रकार है। यदि बीमित व्यक्ति की दुर्भाग्यवश मृत्यु हो जाती है, तो टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान में उल्लिखित नॉमिनी व्यक्ति को लाइफ इंश्योरेंस के रूप में वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाती है। इस वित्तीय सुरक्षा के बदले में, पॉलिसीधारक को लाइफ इंश्योरेंस प्रदाता कंपनी को प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। प्रीमियम की गणना के लिए आप टर्म इंश्योरेंस कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं। टर्म प्लान एक शुद्धलाइफ कवर है, इसलिए, यदि बीमित व्यक्ति पॉलिसी अवधि के समापन तक जीवित रहता है, तो उसे नियमित टर्म प्लान के मामले में कोई रिटर्न नहीं मिलेगा। 

आइये इस ऑर्टिकल में टर्म इंश्योरेंस क्यों जरुरी है, इस बारे में जानते हैं-

आपको टर्म इंश्योरेंस की आवश्यकता क्यों है?

चाहे आप जीवन के किसी भी पड़ाव पर हों, टर्म लाइफ इन्श्योरेन्स आपके काम जरूर आ सकता है। यदि आप एक युवा हैं, तो आप कम प्रीमियम दरों पर एक अधिक कवर का टर्म इन्श्योरेन्स ले सकते हैं। इस समय आपके ऊपर ज़िम्मेदारियाँ उतनी नहीं होती, पर उम्र के साथ इनमें बढ़ोतरी होती है। टर्म इन्श्योरेन्स की मदद से आप अपनी शादी के बाद अपने जीवन साथी को, माता-पिता को, तथा कुछ वर्षों बाद अपने बच्चों को  वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। आगे चलकर जब आप अपना घर लेंगे, गाड़ी लेंगे, तथा कोई अन्य ऋण अपने सर लेंगे, तो उसे चुकाने का भार भी आप अपनों के सर से टाल सकते हैं, एक टर्म इन्श्योरेन्स प्लान की मदद से। अंत में, सेवानिवृति के उपरांत भी यदि कोई आप पर आर्थिक रूप से निर्भर हो, तो उनके लिए भी एक टर्म प्लान ले सकते हैं। 

ध्यान रखें की उम्र के साथ साथ प्रीमियम दरों में भी बढ़ोतरी होती है, तो जितनी जल्दी हो सके, टर्म इन्श्योरेन्स में निवेश जरूर करें। यहां कुछ सामान्य कारण बताए जा रहे हैं, जिससे यह पता चलता है कि टर्म इंश्योरेंस के क्या फायदे हैं:
●    टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्रियजनों की रक्षा करता है
●    टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉकेट फ्रेंडली है
●    टर्म लाइफ इंश्योरेंस आपके परिवार की ऋण के बोझ से बचाता है 
●    यह ऐड-ऑन राइडर्स के साथ आता है
●    यह आय कर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के मुताबिक टैक्स बचाने में मदद करता है 

अपने लिए उपयुक्त टर्म इंश्योरेंस प्लान कैसे चुनें

अपने लिए उपयुक्त टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान चुनने के लिए टर्म इंश्योरेंस कैलकुलेटरआपकी मदद कर सकता है। आपको अपनी ज़रूरतों के लिए सही टर्म इंश्योरेंस प्लान चुनने में जिन  मापदंडों को ध्यान में रखना होता है, वे निम्न हैं-

●    कवरेज की राशि: आप सुनिश्चित करें कि कवरेज की राशि आपके परिवार की दैनिक जरूरतों, उनके जीवन लक्ष्यों की लागत और आपके नाम पर किसी भी बकाया ऋण को कवर करने के लिए पर्याप्त है।

●    पॉलिसी टर्म: टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान में एक पॉलिसी अवधि होनी चाहिए जो आपकी कमाई के वर्षों, आपके सबसे लंबे जीवन लक्ष्य और आपके सबसे लंबे कर्ज को कवर करने के लिए पर्याप्त हो। 

●    कवरेज की लागत: यदि आप एक टर्म लाइफ इन्शुरन्स प्लान खरीदते हैं जो आपके बजट से बाहर है, तो आपको प्रीमियम को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। यह, बदले में, नीति को समाप्त करने का कारण बन सकता है। तब आप अपने टर्म प्लान द्वारा दिए गए सभी लाभों को खो देंगे। इसलिए एक टर्म प्लान चुनना महत्वपूर्ण है जिसे आप खरीद सकते हैं।

●    ऐड-ऑन राइडर्स का चयन करें: ऐड-ऑन राइडर्स अतिरिक्त वैकल्पिक कवर हैं जिन्हें आप अतिरिक्त प्रीमियम के लिए बेस कवर के साथ खरीद सकते हैं। ये राइडर्स विशिष्ट घटनाओं के लिए वित्तीय कवरेज प्रदान करते हैं। कुछ सामान्य राइडर्स में क्रिटिकल इलनेस राइडर, एक्सीडेंटल पर्मानेंट पार्शल/टोटल डिसेबिलिटी राइडर, प्रीमियम वेवर राइडर, आदि शामिल हैं। तय करें कि आपको इनमें से कोई चाहिए या नहीं और अपनी योजना खरीदते समय ही उन्हें खरीद लें।

●    क्लेम सेटलमेंट रेशीयो सही होना चाहिए: उपयुक्त टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान आपके नॉमिनी व्यक्तियों को विश्वसनीय सुरक्षा प्रदान करती है। यह सुनिश्चित करने के लिए आपको सही क्लेम सेटलमेंट रेशीयो वाली कंपनी से टर्म इंश्योरेंस कवर लेना चाहिए। प्रतिशत जितना अधिक होगा, आपके नॉमिनी के वास्तविक क्लेम का तुरंत सेटलमेंट होने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

तो इस प्रकार आप एक सही टर्म लाइफ इन्श्योरेन्स प्लान का चयन कर जीवन के किसी भी पड़ाव में अपने परिवार और प्रियजनों को वित्तीय सुरक्षा का तोहफा दे सकते हैं। कम से कम उम्र में खरीदने पर आपको सबसे अधिक लाभ प्राप्त होंगे, हालांकि आम तौर पर यह योजनाएँ जीवन के हर चरण में किफायती ही होती हैं। 
 

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पड़ोसी राज्य अपनाएंगे छत्तीसगढ़ का नक्सल उन्मूलन माडल

डिजिटल डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले चार वर्षों में नक्सली घटनाओं में कमी आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, नक्सलियों का जमावड़ा सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के कुछ इलाकों तक सिमट गया है। ओडिशा और तेलंगाना सीमा पर नक्सलियों को रोकने में फोर्स सफल हुई है।

एक दिन पहले ही पूर्वी क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ माडल पर आगे बढ़ने की रणनीति पर विचार किया गया। छत्तीसगढ़ में फोर्स ने पहले धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस कैंप खोले, फिर विकास के लिए अंदरूनी इलाकों में सड़क का निर्माण किया। अब कैंप में राशन दुकान, एटीएम सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड अब इसी माडल पर आगे बढ़ेंगे।

एंटी नक्सल आपरेशन के आला अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्य भी अंदरूनी इलाकों में कैंप खोलकर विकास को पहुंचाने की तैयारी में हैं। प्रदेश में पिछले चार वर्षों में सबसे ज्यादा कैंप खोले गए। इससे नक्सली वारदातो में कमी आई है। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से सड़क का निर्माण किया जा रहा है। मोबाइल टावर भी लगाए जा रहे हैं। इससे कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है।

मोबाइल फोन गांव तक पहुंचने के बाद पुलिस के पास खुफिया सूचना आसानी से पहुंच रही है। इससे नक्सलियों के जमावड़े पर पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की जा रही है। सरकार की योजनाओं के पहुंचने के कारण आदिवासियों में भरोसा जगा है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र में नक्सलियों की पैठ कमजोर हुई है।